03

मरता क्या न करता! बेचारा रामदीन।

“ नानू बड्डी आप बहुत बड हो । मैं बात नहीं कलूंगा आपते। ”

कहते हुए उस बच्चे ने अपनी दोनों आस्तीन मोड़ी और अशोक जी से पीठ कर खड़ा हो गया। जैसे वो उनसे बहुत नाराज़ हो।

ये देख वो मुस्कुराए बिना रह न सके । लेकिन फिर भी अपने चेहरे पर दुनियां भर की उदासी लाते हुए वो उसके सामने घुटनों पर बैठ गए। और अपने दोनों कान पकड़ते हुए कहते हैं।

“ रामदीन देखो तुम्हारे छोटे बाबा तो मुझसे नाराज़ हो गए। इसे मनाओ रामदीन। वरना मैं दवाई नहीं लूंगा। ”

ये सुनकर भी वो बच्च टस से मसा नहीं हुआ।

अशोक जी ने एक नज़र रामदीन को देखा तो उसने अपने कंधे उचका दिए। जैसे बोल रहा हो :—

आपने नाराज़ किया है अब खुद ही मनाओ। मुझे मत लपेटो आप। वरना छोटे बाबा का कहर मुझपे होगा।

ये देख की रामदीन उनकी मदद करने को तैयार नहीं अशोक जी ने एक और कोशिश की।

“ अंशु ! ” अशोक जी ने बड़े प्यार से उस बच्चे को पुकारा।

अशोक ठाकुर अपने नाती को प्यार से अंशु बुलाया करते हैं।

लेकिन अंशु मजाल है जो उनकी तरफ देख भी ले। वो उनसे थोड़ी और दूरी बना कर दूसरी तरफ चला गया।

ये देख अशोक जी ने आह भरी।

वो खुद से बोले, “ भाग्यवान आप तो चली गई। लेकिन इसके रूप में अपना मिनी वर्शन भेज दिया है आपने । इतनी मेहनत तो आपको या अपनी बेटी को मानने में नहीं करनी पड़ती थी मुझे जितनी ये छोटे नवाब मुझसे करवाता है। ”

खुद में ये सोचते सोचते जाने उन्हें कौनसा इडिया आया उनकी आंखें चमक उठी।

और उस चमक को देख रामदीन ने खुद से कहा, “ आज अगर छोटी मैडम ने मुझे कुछ कहा न साहब जी। तो आप देखना आप दोनों नाना पोते की पोल खोलकर रख दूंगा। ”

इधर अशोक जी कॉफी टेबल पे रखा एक कांच का ग्लास नीचे गिरा देते है।

रामदीन अपनी बड़ी बड़ी आंखों से उनकी ये बच्चों वाली हरक़त देख रहा था।

ग्लास गिरने की आवाज़ सुनकर भी अंशु ने पलट कर नहीं देखा।

तो अशोक जी ने पहले अपनी उंगली में थोड़ा टमैटो केचअप लगाया और अपने हाथों को उस टूटे हुए ग्लास के पास ले गए।

और फिर अचानक ही ज़ोर से चीखें।

उनकी चीख सुनकर रामदीन भी एक पल को सख्ते में आ गया। वहीं अंशु ने अपने नानू बड्डी को पलट कर देखा तो उसे उनकी हाथों पर खून दिखा ।

जो खून तो था नहीं बल्कि टमैटो केचअप था। लेकिन वो पांच साल का बच्चा इतनी जल्दी ये सब समझ न सका।

“ नानू बड्डी! नानू बड्डी … ”

कहते हुए वो भाग के अशोक जी के पास आया और उनके हाथों को देखने लगा।

“ रामडील दवाई लाओ न। नानू बड्डी को खूल आ लहा है। ”

लेकिन रामदीन हैरानी से कभी अपने साहब जी को देखता तो कभी उस परेशान मासूम को जो अपने नानू बड्डी के हाथों में खून देख कर हो रहा था ।

“ रामडील दवाई लाओ न। ” लेकिन रामदीन तो जैसे सुन ही न रहा हो।

“ रामडील तुम सुनते क्यों नहीं? ” अंशु ने गुस्से में कहा।

“ स.. सॉरी! सॉरी छोटे बाबा। मैं अभी दवाई लेता हूं। ” और रामदीन भागा फर्स्ट एड बॉक्स लेने। जिसका कोई मतलब तो था नहीं। लेकिन उसकी मजबूरी थी।

अब मरता क्या न करता! जैसी हालत थी रामदीन की। सच बोलता तो उसके साहब जी गुस्सा होते । और तो और उसके छोटे बाबा भी उसकी ख़बर लेते । और उससे ये झूठ झेला भी नहीं जा रहा था।

इसलिए बेचारे रामदीन खुद को बचाने के लिए चुप फर्स्ट एड बॉक्स लेने चला गया।

इन दोनों के बीच अक्सर बेचारा वही पिसता जो था।

रामदीन अपना पूरा समय लेते हुए फर्स्ट एड बॉक्स ढूंढने में लगा हुआ था।

कि तभी अंशु जोर से चिल्लाता है।

“ रामडील… ”

“ बस अभी … अभी आया छोटे बाबा। ” कहते हुए एक फर्स्ट एड बॉक्स लिए अंशु और अशोक जी के पास हॉल में आया ।

तो अंशु ने उसके हाथ से फर्स्ट एड बॉक्स छीन लिया।

“ तुम बहुत बुद्धू हो रामडील। ” कहते हुए अंशु बॉक्स खोल कर सोफे पे बैठ गया।

और अशोक जी के खून मेरा मतलब है केचअप को रुई से साफ़ करने लगा।

“ देख लो साहब जी को । ऐसे दिखा रहे हैं जैसे न जाने कितना खून बह गया हो। जब की खून का एक बूंद भी नहीं निकला है।

गलती से भी छोटे बाबा ने जान लिया की इन्होंने उन्हें उल्लू बनाया है। तो देखना कैसे इनकी क्लास लगते हैं। ”

रामदीन ने अपने हाथ सर पर मारते हुए खुद में बड़बड़ाया।

उसे बड़बड़ाते देख अशोक जी ने उसे घूर कर देखा तो रामदीन चुप हो गया।

फिर अपने मन में बोला, “ बड़े आए सबको ब्लैकमेल करने वाले। रुको आज छोटी मैडम से शिकायत करता हूं। आप दोनों की। फिर पता चलेगा ये रामदीन है क्या चीज़? ” सोचते हुए उन लोगों को देख मुंह बनाया।

और फिर एक सर्वेंट् को बोलकर वो टूटे हुए ग्लास को हटाने को कहता है। और वहां चला जाता है।

क्योंकि उससे ये ड्रामा और नहीं झेला जा रहा था। अगर वो थोड़ी देर और रुकता तो वो ज़रूर कुछ न कुछ बोल देता और फिर ये दोनों ही उसके पीछे हाथ धो के क्या नहा धो के पड़ जाते।

तो रामदीन ने सबसे पहले अपनी भलाई सोचो और हॉल से पहली फुर्सत में निकल गया।

Write a comment ...

Wannye Rose

Show your support

Support this little heart creation 💗 and I'll be blessed one.

Write a comment ...

Wannye Rose

Love to read and write too ✍️